Thursday, June 30News

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अन्तर्मना उवाच- आदमी तो घर घर पैदा हो रहा है, बस इंसान और इन्सानियत कहीं कहीं जन्म लेती है।

अन्तर्मना उवाच- आदमी तो घर घर पैदा हो रहा है, बस इंसान और इन्सानियत कहीं कहीं जन्म लेती है।

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अन्तर्मना उवाच (04 जून श्रुत पंचमी विशेष)   चोट करना भी बहुत जरूरी है.. अन्यथा पत्थर परमात्मा कैसे बनेगा..! कभी कभी ज्यादा तारीफ भी हमारी उन्नति में बाधक बन जाती है।  आदमी तो घर घर पैदा हो रहा है, बस इंसान और इन्सानियत कहीं कहीं जन्म लेती है। इतिहास साक्षी है - जटायु पक्षी और भीष्म पितामह का। जब रावण सीता को लेकर जा रहा था, तब जटायु ने अपने प्राणों की परवाह किये बिना ही रावण से भिड़ गया था सीता को बचाने के लिये। इसके विपरीत देखें - जब भरी सभा में द्रौपदी का चीर-हरण हो रहा था,, उस सभा में सबसे वरिष्ठ और परम पराक्रमी भीष्म पितामह मूकदर्शक बनकर बैठे हुए थे। अपनी कुलवधू के ऐसे अपमान पर उन्हें मौन होकर नहीं, मुखर होकर सामने आना चाहिए था। उन्हें भी जटायु की भान्ति अपने सामर्थ्य का प्रदर्शन कर उस दुष्कर्म को रोकने का प्रयास करना चाहिए था। भीष्म पितामह तो इतने बड़...
“पयाम-ए-आज़ादी” उस अखबार की कहानी जिसने अंग्रेज़ी हुकुमत में खौफ़ पैदा कर दिया…..

“पयाम-ए-आज़ादी” उस अखबार की कहानी जिसने अंग्रेज़ी हुकुमत में खौफ़ पैदा कर दिया…..

विशेष
By : Sushma Tomar हर साल 30 मई को देश भर में “हिंदी पत्रकारिता दिवस” मनाया जाता है. ये दिन पत्रकारों और पत्रकारिता के पेशे से जुड़े लोगो के लिए बेहद खास है. क्योंकि 1826 में आज ही (30 मई) के दिन पंडित युगल किशोर शुक्ल ने हिंदी अखबार “उदंत मार्तण्ड” की शुरूआत की थी. लेकिन एक अखबार इतिहास में ऐसा भी रहा जिसने अपनी बेखौफ़ कलम और निर्भीकता से अंग्रेज़ी हुकुमत में खौफ़ पैदा कर दिया था. उस अखबार का नाम था “पयाम-ए-आज़ादी....”तो आज बात ‘आज़ादी का संदेश’ जन जन तक पहुंचाने वाले अखबार “पयाम-ए-आज़ादी की….”हिंदी पत्रकारिता की शुरूआतःभारत में पत्रकारिता की शुरूआत की बात करें तो एक आयरिशमैन जेम्स अगस्ट्न हिक्की ने 26 जनवरी 1780 से एक समाचार-पत्र निकालना शुरू किया था. ये समाचार पत्र कोलकाता से अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित होता था. हिक्की इस अखबार को खुद लिखा करते थे. हिक्की के इस अखबार को “बंगाल गजट” ...

हिंदी पत्रकारिता दिवस 2022: 196 साल पहले शुरू हुआ था हिंदी का पहला अखबार

विशेष
https://www.youtube.com/watch?v=K0FleX5s-4k नई दिल्ली। आज हिंदी पत्रकारिता दिवस है । आज ही के दिन भारत में हिंदी पत्रकारिता की नींव पड़ी थी। आज के लाइव सेंशन में हम बात करेंगे कि आखिर 30 मई को ही क्यों हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। दरअसल, 30 मई 1826 को उदन्त मार्तण्ड नाम से पहला हिंदी भाषा का अखबार प्रकाशित हुआ था. तब से 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। वैसे तो उदंत मार्तंड से पहले 1780 में एक अंग्रेजी अखबार की शुरुआत हुई थी। फिर भी हिंदी को अपने पहले समाचार-पत्र के लिए 1826 तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। इस अखबार के पहले प्रकाशक और संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल थे। आज हिंदी पत्रकारिता के 196 साल पूरे हो गए हैं.. लेकिन आधुनिक युग की बात करे तो कही न कही लोग डिजिटल होते जा रहे है .. पहले समाचार या विचार अखबारों में पढ़े जाते थे, फिर समाचार आकाश से आकाशवाणी के रूप...
UP: गाजियाबाद में 234 युवाओं को दिया गया अग्निशमन प्रशिक्षण

UP: गाजियाबाद में 234 युवाओं को दिया गया अग्निशमन प्रशिक्षण

विशेष
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 100 दिवसीय कार्य योजना की प्राथमिकता में शामिल अग्नि सचेतक योजना के अंतर्गत ब्लॉक स्तर पर अग्निशमन एवं जीवन रक्षण हेतु स्वयं सेवकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अग्नि रोकथाम के उपाय, आग लगने के कारण, आग लगने पर किए जाने वाले कार्य, आग बुझाने की विधियों व अग्निशमन उपकरण की जानकारी देने हेतु की गई थी। अग्नि सचेत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 26 मई 2022 को आई0टी0एस डेंटल कॉलेज मुरादनगर के ऑडिटोरियम में किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि मा0 सांसद जनरल डॉ विजय कुमार सिंह थे। जिन्होंने स्वंय सेवकों को अग्नि सचेतक प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही उन्होंने सभी अग्नि सचेतक को भविष्य में प्रभावित क्षेत्रों में आग की रोकथाम एवं आग से बचाव के उपायों के बारे में अपने एवं निकटवर्ती गांव के नव युवकों को जानकारी प्रदान क...
सम्राट पृथ्वी राज चौहान ने 17 बार मोहम्मद गौरी को  हराया था…

सम्राट पृथ्वी राज चौहान ने 17 बार मोहम्मद गौरी को हराया था…

विशेष
भारत के इतिहास के गौरव कहे जाने वाले सम्राट पृथ्वी राज चौहान की आज जयंती है। आज पृथ्वी राज की 872वीं जयंती मनाई गई। हिन्दुत्व के योद्धा कहे जाने वाले पृथ्वी राज चौहान अपने पिता के देहांत के बाद मात्र 11 वर्ष की उम्र से अपने साम्राज्य का विस्तार करने की नीती अपना रहें है। भारत वर्ष के इस अंतिम शासक ने अपना शासन दिल्ली और अजमेर में किया जिसका विस्तार उन्होंने दूर- दूर तक किया। पृथ्वी बचपन से ही एक कुशल योद्धा थे और उन्होंने कई गुण भी सीखे। बचपन से ही उन्होंने शब्द भेदी बाण विद्या का अभ्यास कर कई योद्धाओं को धूल चटाई। पृथ्वी राज चौहान की जीवनीःभारतवर्ष के इस महान योद्धा का जन्म 1149 में गुजरात के पाटण में हुआ। पृथ्वीराज अजमेर के महाराज सोमेश्वर और कपूरी देवी की पहली संतान थे। माता पिता की शादी के करीब 12 वर्ष बाद पृथ्वी का जन्म हुआ, तो राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई। इसके अलावा पृथ्वीराज क...
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की 58वीं पुण्यतिथि आज

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की 58वीं पुण्यतिथि आज

विशेष
संवाददाता : शिवानी ओझा। नई दिल्ली। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आज 58वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर सोनिया गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पंडित नेहरू को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल पर लिखा गया पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश की आजादी के लिए अपने जीवन के 3259 दिन जेल में बिताया। आधुनिक भारत में निर्माता पंडित ज्वाला नेहरू के योगदान को देश याद कर रहा है। इसके साथ ही ट्विटर हैंडल पर पंडित नेहरू को एक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी आधुनिक भारत के निर्माता एक राजनेता एक दूरदर्शी और देशभक्त कहा गया है। https://twitter.com/narendramodi/status/1530024077636739072 पीएम मोदी ने पंडित नेहरू को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि...
SexWork एक पेशा है : supreme court

SexWork एक पेशा है : supreme court

विशेष
अक्सर जिस काम को समाज श्रापित नजरों से देखता रहा आज वही काम उसका पेशा बन गया। जी हां, आपने ठीक समझा, हम बात कर रहे हैं सेक्सवर्कर की जिसे हमेशा से समाज का काला धब्बा समझा जाता है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सेक्सवर्क को पेशा माना है। सुप्रीमकोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि सेक्स वर्कर्स के काम में कोई दखल न दे। साथ ही पुलिस को भी यह निर्देश दिया कि सहमती से सेक्स करने वाली महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं करनी चाहिए। क्या कहता है संविधान का अनुच्छेद 21 सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि आर्टीकल 21 के तहत संविधान हमें हर किसी को सम्मान जनक जीवन जीने का अधिकार देता है। सेक्सवर्कर को ये बताया जाना चाहिए कि अपने अधिकारों से वो न्यायिक प्रणाली तक पहुँच कर कैसे तस्करों और उत्पीड़न करने वालों को रोक सकती है...
आचार्य श्री सुनीलसागर जी गुरूराज के रजत संयम वर्ष पर देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक जागरूक आयोजन

आचार्य श्री सुनीलसागर जी गुरूराज के रजत संयम वर्ष पर देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक जागरूक आयोजन

नई दिल्ली, विशेष
श्री सुनीलसागर युवासंघ शाखा दिल्ली द्वारा आज 24 ऑक्टोम्बर रविवार को मजबूत एकता के साथ आचार्य भगवन्त श्री सुनीलसागर जी गुरूराज के रजत संयम वर्ष पर प्रशंसनीय कार्य करते हुए दिल्ली मुख्य हाइवे पर समस्त वाहन चालको में पद विहारी जैन साधु भगवन्तों व सड़क पर गुजरने वाले मूक पशुओं के प्रति भी सुरक्षा का ध्यान आकर्षित करने व जागरुकता पैदा करने के लिए सन्देश सहित मिष्ठान के पैकेट वितरित किया। जिसका क्रियान्वयन मयंक जैन, अंकित जैन, स्वदेश जैन, दीपेश जैन, मनीष जैन सहित पूरे युवासंघ ने किया। इस नेक मुहिम के माध्यम से मुख्य हाइवे पर दिन भर हजारो की तादाद में गुजरने वाले वाहन चालको को मिष्ठान के साथ-साथ सन्देश दिया गया कि सन्त राष्ट्र की अनमोल सम्पत्ति है वे त्याग तपस्या के साथ अहिंसा-शांति का पूरे राष्ट्र में पद विहार करते हुए प्रचार करते है अतः सड़क पर वाहन चलाते वक्त कोई भी साधु दिखे या कोई...
ख़ामोश हूं :- प्रदीप भास्कर

ख़ामोश हूं :- प्रदीप भास्कर

विशेष
---- प्रदीप भास्कर---- ---ख़ामोश हूं ---ख़ामोश हूं मरा नहीं हूंजाग रहा हूं सोया नही हूं रात हूं दिन नही हूंठहरा हूं रुका नहीं हूंपतझड़ हूं सूखा पेड़ नहीं हूंउम्मीद हूं टूटा नहीं हूंख़ामोश हूं मरा नहीं हूं।जाग रहा हूं सोया नही हूं। पानी में पत्थर फेंको तो लहरे दूर तक जाती हैदर्द को जितना छेड़ो आवाज अंदर तक जाती हैपिरो कर दर्द की चादर कोहर रात ओढ़ा करता हूंनींद भले ही ना आएपर हर रात में सोया करता हूंउम्मीद का दामन छूटे नहींइस कोशिश में लगा रहता हूं ख़ामोश हूं मरा नहीं हूंजाग रहा हूं सोया नही हूं। तोड़ दूं सारी बंदिशेकर लूंगा पूरी हसरतेंसांस अभी रुकी नहीं हैजीत अभी हुई नही हैशौक तो सब रखते हैं जीने काबस मै शौक रखता हूं नया इतिहास रचने का ख़ामोश हूं मरा नहीं हूंजाग रहा हूं सोया नही हूं।……. ...
‘एयरफोर्स डे’ पर वायुसेना प्रमुख की हुंकार, बाहरी ताकतों को नहीं करने देंगे हमारी सीमाओं का उल्लंघन

‘एयरफोर्स डे’ पर वायुसेना प्रमुख की हुंकार, बाहरी ताकतों को नहीं करने देंगे हमारी सीमाओं का उल्लंघन

विशेष
नई दिल्ली। इस साल भारतीय वायुसेना ने 89वां स्थापना दिवस मनाया। 89वें वायुसेना दिवस के मौके पर सेना को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि बाहरी ताकतों को देश के क्षेत्र का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब अरुणाचल प्रदेश के इलाके में भारत और चीनी सैनिकों के भिड़ने की खबर आई है। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना ने हिंडन एयरबेस पर 1971 के युद्ध में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध की विजयगाथा को दर्शाया। इस साल भारत पाकिस्तान युद्ध के 50 साल पूरे होने पर भारतीय वायुसेना इस बार विजय वर्ष के तौर पर मना रही है।वायु सेना ने अनेकों बार अपने पराक्रम से भारत को गौरवान्वित किया है। इस राफेल से लेकर तेजस, जगुआर, मिग-29 और मिराज 2000 लड़ाकू विमान अपनी ताकत के साथ अपना करतब दिखाते नजर आए। एयरफोर्स दिवस पर इस बार दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा लगाया गया है। कार्यक्रम की थीम ...