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CAPFs और असम राइफल्स में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा

सेना में भर्ती के लिए सरकार की नई योजना अग्निपथ के खिलाफ़ देश भर में बवाल हैं. जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं, हिंसा भड़क रही है, ट्रेनों में आगजनी की जा रही हैं. इस बीच खबर ये भी है कि बिहार के तारेगाना में कुछ प्रदर्शनकारियों ने मीडिया पर भी हमला करने की कोशिश की। बता दें कि यूपी और बिहार में अग्निपथ योजना का तेज़ विरोध किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों के इस पूरे विरोध में सबसे ज्यादा नुकसान रेलवे संपत्ति को हुआ है. अकेले शुक्रवार को ही बिहार के बोतिया, छपरा, दानापुर, सम्सतीपुर, सुपौल, कुलहड़िया, लखीसराय तो वहीं यूपी के बलिया में प्रदर्शनकारियों ने 9 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया।


देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अब रक्षा मंत्रालय ने भी अग्निवीरों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. रक्षा मंत्रालय ने अपने मंत्रालय के तहत होने वाली भर्तियों में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है. रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी है। रक्षा मंत्रालय की ओर से ये भी जानकारी दी गई है कि अग्निवीरों के लिए विभाग की ओर से निकाली गई किन-किन भर्तियों में आरक्षण का प्रबंध किया जाएगा. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अग्निवीरों को इंडियन कोस्ट गार्ड और डिफेंस सिविलियन पोस्ट के साथ डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग की 16 कंपनियों में भी नियुक्तियों में आरक्षण दिया जाएगा. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक पब्लिक अंडरटेकिंग्स से भी अग्निवीरों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के लिए जरूरी संशोधन करने को कहा जाएगा. इससे पहले, गृह मंत्रालय ने भी अपने विभाग की नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया था.

बिहार के गया में जलती हुई ट्रेन को बाकी बोगियों से अलग करते रेलवे कर्मचारी


वैसे मामले पर सियासत भी पीछे नहीं हैं। गोरखपुर से बीजेपी के सासंद रवि किशन का कहना है कि 4 साल की नौकरी के बाद युवाओं को स्किल और डिसिप्लेन का अनुभव मिलेगा. वहीं 4 साल के बाद 25 फिसदी लोग सेना में बने रहेंगे. बचे हुए 75 फिसदी के लिए सीएपीएफ़ और असम राइफल्स में रिजर्वेशन किया जाएगा। अपने एक बयान में रवि किशन ने कहा कि युवाओं को भड़काया जा रहा हैं। उन्हें योजना को समझने की ज़रूरत हैं।


तो वहीं समाजवादी पार्टी की मुखियां अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “राय, सलाह, मंत्रणा, सम्मति, मशवरा परामर्श, विचार-विमर्श, संयुक्त निर्णय, सामूहिक बैठक ये लोकतांत्रिक शब्द भाजपाई शब्दकोश में नहीं हैं। तभी बार-बार देश पर मनमानी भरे फ़ैसले थोपे जा रहे हैं, जिससे देश की ऊर्जा व जनशक्ति सरकार की जनविरोधी नीतियों व योजनाओं के विरोध में ही बर्बाद हो रही है।


दूसरी तरफ़ बिहार के गया में प्रदर्शनकारियों के ट्रेन में आग लगाने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर 2 बोगियों को अलग किया। फिर शहर के आम लोगो ने धक्का लगाकार इन को दूर किया ताकि आग के लपटों से सरकारी संपत्ति का नुकसान ना हो। तो यूपी के बनारस में प्रदर्शनकारी जबरदस्ती बाज़ार में दुकानें बंद करवाने पहुँच गए। तो आम लोगो ने इऩ प्रदर्शनकारियों को डंडे लेकर दौड़ा दिया। वीडियो देखिए…

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