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अग्निपथ का असर रेलवे पर, ट्रेने रद्द तो पैसेंजर हुए परेशान..

भारतीय सेना में भर्ती की नई योजना “अग्नीपथ” को लेकर खड़ा हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय सेना में सैनिकों की मात्र चार साल की इस भर्ती वाली योजना को जहां एक ओर सरकार अच्छा बता रही है, तो वहीं दूसरी ओर देश भर में इस योजना का विरोध हो रहा है। इस योजना का असर यूपी, बिहार समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के रूप में देखने को मिल रहा है। युवा अपने आने वाले भविश्य के खतरे की आग से बचने के लिए सरकारी संपत्ती को जला कर खुलेआम प्रदर्शन कर रहा है। युवाओं के इस विरोध प्रदर्शन से कई राज्यें में स्थिति हिंसक भी होती जा रही है। कहीं ट्रेनों को जला दिया गया तो कहीं रेलवे स्टेशनों को फूंक दिया गया और जमकर तोड़फोड़ की गई।


कई ट्रेनें हुई रद्द…
इस प्रदर्शन के बीच सबसे ज्यादा नुकसान रेलवे को हो रहा है। इसलिए रेल प्रशासन ने बचाव की दृष्टि से देश के कई हिस्सों में चलने वाली सैकड़ों ट्रेनों को रद्द कर दिया है और कई ट्रेनों के समय में आमूलचूल परिवर्तन कर दिया है।

गौरतलब है कि भारतीय रेल ने देशभर में आज यानी 20 जून 2022 को डिपार्चर होने वाली 709 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। रद्द हुई इन ट्रेनों में बड़ी संख्या में पैसेंजर, मेल, और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। ऐसे में उन पैसेंजर्स को भी भारी परेशानी हो रही है जिन्होनें महिनों पहले ट्रेन में रिजर्वेशन करवाया था।


500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान…
रेलवे की माने तो अग्निपथ योजना को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शन के सबसे ज्यादा मामले बिहार में आए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेलवे संपत्तियों की तोड़फोड़ से अब तक 500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान सिर्फ रेलवे को पहुंचा है। उसमें से अकेले बिहार में 200 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। आग से झुलसी रेलवे को देश भर में करीब 100 कोच का नुकसान हुआ है। वहीं अगर बात एक कोच की करें तो इसकी अनुमानित लागत करीब 2 करोड़ की होती है। यानि करीब 200 करोड़ के रेलवे कोच का स्वाहा हो गया।


भारतीय रेलवे की आम लोगों से अपील….
अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में बढ़ रहे आक्रोश को देखते हुए भारतीय रेलवे ने आम लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी न हो तो अपनी यात्राएं रद्द कर दीजिए। रेलवे की ओर से कहा गया कि वर्तमान हालात में टिकट कैंसिलेशन कराने को लेकर कोई चार्ज नहीं देना होगा। इसके अलावा रेलवे की ओर से लोगों को हिदायत भी दी गई है कि अगर आपका कोई नजदीकी या परिजन किसी नजदीकी स्टेशन पर फंसा हुआ है तो उन्हें प्राइवेट गाड़ी से लेकर आइए।


दरअसल, बीते मंगलवार को सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में कुछ परिवर्तन करते हुए तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की थी। जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की लघु अवधि के लिए संविदा, या यूं कहें कि एक प्रकार के ठेके के आधार पर की जाएगी। वहीं इस योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए योग्य उम्र साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।

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