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भारतीय समाज में सभ्यता – संस्कृति – संस्कार संचय हेतु आर्य समाज द्वारा यज्ञ अनुष्ठान आयोजित

नांगल चौधरी। आर्य समाज संगठन द्वारा शनिवार सुबह ग्राम बूढ़वाल स्थित सीताराम धर्मशाला में वैदिक हवन अनुष्ठान मंत्रोच्चार विधिपूर्वक किया गया। इस यज्ञ अनुष्ठान में हिन्दू रीति रिवाज़ सहित हवन के बाद वेद-पुराणों में उल्लेखनीय श्लोकों का अध्ययन किया गया। ग्राम अलीपुर निवासी प्रोफेसर अमृतलाल यादव ने हवन के ब्रह्मा की भूमिका का निर्वहन किया।

इस धार्मिक यज्ञ अनुष्ठान कार्यक्रम में प्रोफेसर अमृत लाल यादव ने गायत्री मंत्र की व्याख्या के साथ सच्चिदानंद ईश्वर से कैसे संपर्क स्थापित किया जाए और सच्चिदानंद की अनुभूति का कैसे एहसास किया जाए तथा ईश्वरीय आशीर्वाद कैसे प्राप्त किया जाए इन सबका जिक्र करते हुए ईश्वरीय मार्ग पर चलने के लिए युवाओं को प्रेरित किया, साथ ही अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक पक्तियों पर बल दिया।

सीताराम धर्मशाला में आयोजित यज्ञ अनुष्ठान में चतुर्थ वेदों की महिमा का वर्णन करते हुए एवं वैश्विक वैदिक प्रचार करते हुए दताल ग्राम निवासी योगाचार्य महाशय सतवीर सिंह आर्य द्वारा अध्यात्मिक भजनों के माध्यम से लोगों को समझाया गया। महाशय सत्यवीर सिंह आर्य ने अपने मधुरमय संगीत गायन से ईश्वरीय प्रेम, करुणा, प्रजाशांति संबंधित समाज में बढ़ती आततायियों एवं नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर धर्म के मार्ग पर चलने का युवाओं को उपदेश दिया साथ ही उन्होंने आर्य राष्ट्र बनाने का संकल्प लेते हुए और अध्यात्मिक जिक्र करते हुए अनेक अच्छे पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला।

इस विशेष कार्यक्रम में आर्य भजन उपदेशक परिषद भारत के महामंत्री कैलाश कर्मठ ने भी अपना प्रोग्राम दिया जिसमें उन्होंने देश की परिस्थितियों के बारे में प्रकाश डाला और बताया कि, नकारात्मक ऊर्जा से देश को कैसे बचाया जाए और विपरीत परिस्थितियों में हम कैसे अपनी सभ्यता व संस्कृति को सुरक्षित रख सकते हैं।

इस संबध में उन्होंने संबोधित करते हुए आगामी पीढ़ी को अध्यात्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी साथ ही कैलाश कर्मठ ने देश व समाहित में महत्वपूर्ण मुद्दों का ज़िक्र किया।

यज्ञ अनुष्ठान उपरान्त शांति मंत्र सहित कार्यक्रम का समापन किया गया। आर्य समाज द्वारा इस हवन में शामिल होने वाले बूढ़वाल ग्रामवासियों ने काफी सराहना की साथ ही हर महीने आर्य समाज द्वारा उत्सव आयोजित कार्यक्रम को स्वीकृति देते हुए एक अच्छी पहल बताई और इस यज्ञ अनुष्ठान को समाजहित में निरंतर करने का ग्रामीणों ने आग्रह किया।

इस शुभ अवसर पर यज्ञ अनुष्ठान में उपस्थित यजमान गुरु स्वरूप राधेश्याम अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी भी शामिल रही साथ ही हवन उपस्थिति में थानेदार वासुदेव, ग्राम अलीपुर से महाशय विजय सिंह, महाशय फूल सिंह और गांव के अन्य सम्मानित जन उपस्थित रहे।

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