
बैरकपुर में स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
कोलकाता ( बैरकपुर ,10 जनवरी )
कोलकाता के बैरकपुर स्थित विवेकानंद मठ में गत 10 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की 164वीं जन्म तिथि श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाई गई। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन स्वामी रामकृष्ण विवेकानंद मिशन की ओर से किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष और आकर्षक बात यह रही कि मिशन के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 50 बच्चों को स्वामी विवेकानंद के स्वरूप में “बाल भगवान” के रूप में सजाया गया तथा विधिवत उनकी पूजा-अर्चना की गई।
इस अनूठे आयोजन के पीछे रामकृष्ण परमहंस जी के उस विचार को मूल मंत्र बनाया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्वर्ग में वही प्रवेश पाते हैं जिनका मन बालक के समान निर्मल और निष्कपट होता है। इसी भाव को साकार करते हुए बच्चों के माध्यम से बाल स्वरूप में ईश्वर की आराधना की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामकृष्ण विवेकानंद मिशन के सचिव स्वामी नृत्य रूपानंद जी ने कहा कि मिशन की स्वर्ण जयंती के अवसर पर पूरे देश में स्वामी विवेकानंद की 50 मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत को सांस्कृतिक रूप से जागृत किया और ‘दरिद्र नारायण’ की अवधारणा देकर यह संदेश दिया कि निर्धन, पीड़ित और बेसहारा लोगों की सेवा ही सच्चे अर्थों में ईश्वर की पूजा है।

स्वामी नृत्यरूपानंद जी महाराज सचिव, रामकृष्ण विवेकानंद मिशन
स्वामी नृत्यरूपानंद जी ने यह भी कहा कि रामकृष्ण विवेकानंद मिशन वर्तमान में इन्हीं आदर्शों को आत्मसात करते हुए देश, समाज और मानवता की सेवा में निरंतर कार्यरत है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। भजन, प्रार्थना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना और सेवा भाव का अनुपम उदाहरण कहा जा सकता है।