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रविवार तड़के ब्रह्मखाल – यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा डंडालगाव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में करीब 40 मजदूर अंदर फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए रेस्कयू टीम लगातार जुटी हुई है.सभी मजदूर सुरक्षित बताए जा रहे हैं.उनको पाइप के रास्ते खाना और दवाइयां भेजी जा रही हैं.


उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में 40 मजदूरों की जान सुरंग में कैद हैं, हालांकि सभी मजदूर सुरक्षित बताये जा रहे है.उनको पाइप के रास्ते खाना और दवाइयां भेजी जा रही हैं.

कैसे हुआ हादसा


उत्तराखंड में चार धाम राजमार्ग परियोजना एक निर्माणाधीन सुरंग के ढहने से उसके मलबे के भीतर 40 मजदूर फंस गये है.यह हादसा 12 नवंबर को हुआ जब अचानक सुरंग का एक हिस्सा गिर गया.हादसा इतना तेजी से हुआ की पहले तो किसी को समझ नही आया.

राहत और बचाव कार्य


बीते 5 दिनों से राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है. लेकिन अभी तक 40 मजदूर फंसे हुए है.भारत का सड़क परिवहन और राजमार्ग के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड यानी नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों ने दावा किया हैं की फंसे हुए मजदूर के पास प्रर्याप्त जगह है और उन्हें भोजन उपलब्ध कराया गया है.उनका मानना है की मजदूर मलबे के नीचे दबे हुए हैं.यह सच नही है.छत बीच में ही ढह गई.शुक्र है की उनके घूमने – फिरने के लिए सुरंग के अंदर की ओर लगभग 2 किमी खुली जगह है. अधिकारियों ने कहा की सुरंग के नीचे बिजली की व्यवस्था कर दी गई है और वॉकी टॉकी के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संपर्क स्थापित किया गया है. मजदूरों ने कहा की हम ठीक हैं , मगर उन्हें भोजन की आवश्यकता है.


उन्होंने बताया कि एक श्रमिक को उल्टी आने की समस्या है इसलिए उन तक दवाइयां भी पहुंचा दी गयी हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, सीमा सड़क संगठन के 160 बचावकर्मियों का दल दिन रात बचाव कार्यों में जुटा हुआ है.

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